
रायगढ़। छत्तीसगढ़ का खरसिया विधानसभा क्षेत्र, जहाँ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आज तक ऐतिहासिक विजय दर्ज नहीं कर पाई, अब बदलाव की दहलीज़ पर खड़ा प्रतीत हो रहा है। क्षेत्र में भाजपा की पकड़ धीरे-धीरे इतनी मज़बूत हो गई है कि राजनीतिक पंडितों का मानना है – वर्ष 2028 में भाजपा की जीत सुनिश्चित है, चाहे प्रत्याशी एक आम मजदूर ही क्यों न हो।
यह क्षेत्र वर्षों से एक राजनीतिक परंपरा से बंधा रहा है, परंतु अब जनता बदलाव चाहती है। भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत, जनसंपर्क और सरकार की जनहितकारी योजनाओं की जानकारी आम जनता तक पहुँचने लगी है। भाजपा भले ही अब तक चुनावी युद्धों में विजयी न रही हो, पर जनमानस में उसकी छवि लगातार मजबूत होती जा रही है।
यदि पार्टी अपने अंदर के ‘शकुनियों’ से बचती है, और हर कार्यकर्ता एकजुट होकर संगठन को मजबूत करता है, तो 2028 का चुनाव केवल औपचारिकता भर होगा।
जनता से जुड़ाव बन रही सबसे बड़ी ताकत
भाजपा कार्यकर्ता लगातार शासन की योजनाओं जैसे उज्ज्वला, आयुष्मान, प्रधानमंत्री आवास और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं को लेकर जनता के बीच संवाद कर रहे हैं। यही संवाद परिवर्तन की नींव रख रहा है।
आम आदमी भी बन सकता है विधायक
राजनीति में अब वंशवाद की नहीं, जनसंपर्क और जनसेवा की ताकत काम कर रही है। यदि भाजपा खरसिया से एक साधारण मजदूर वर्ग के प्रत्याशी को भी उतारती है, तो जनता उसे भी सिर आंखों पर बिठा सकती है – ऐसा विश्वास कार्यकर्ताओं में साफ झलकता है।



