तहसील पुसौर में बाबू की कुर्सी को लेकर उठे सवाल स्थानांतरण के बाद भी कार्य का चार्ज नहीं सौंपा गया!
पुसौर (रायगढ़) – तहसील पुसौर में इन दिनों एक अजीब प्रशासनिक स्थिति देखने को मिल रही है, जहाँ स्थानांतरित कर्मचारी अब भी कार्य करते दिखाई दे रहा है, और नए बाबू को रीडर का कार्य र्सौंपा तो गया पर तत्कालीन बाबू द्वारा चार्ज नहीं दिया गया है।
हाल ही में नेत्रानंद चौहान का स्थानांतरण तहसील पुसौर में हुआ, जिन्हें रीडर पद का दायित्व सौंपा गया है। परंतु चौंकाने वाली बात यह है कि तत्कालीन बाबू रवि यादव, जिनका स्थानांतरण लैलूंगा कर दिया गया है, अब भी पुसौर तहसील में कार्यरत नजर आ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, रवि यादव ने अब तक नेत्रानंद चौहान को औपचारिक रूप से चार्ज नहीं सौंपा है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है। यह स्थिति सिर्फ एक लापरवाही नहीं, बल्कि तहसील पुसौर के कुछ सक्षम राजस्व अधिकारियों की संरक्षण या मौन स्वीकृति का संकेत देती है।
स्थानीय नागरिकों में इसे लेकर नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि एक तरफ सरकार प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही की बात करती है, वहीं दूसरी ओर तहसील स्तर पर इस प्रकार की गड़बड़ियाँ शासन की छवि को धूमिल कर रही हैं।
अब सवाल उठता है कि –
जब स्थानांतरण आदेश स्पष्ट है, तो रवि यादव अब तक तहसील पुसौर में क्यों कार्यरत हैं?
क्यों नेत्रानंद चौहान को औपचारिक चार्ज नहीं दिया जा रहा?
क्या राजस्व अधिकारी इस स्थिति से अनभिज्ञ हैं या फिर इस पूरे मामले में उनकी भी संलिप्तता है?
इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने की मांग अब क्षेत्रवासियों द्वारा की जा रही है। यदि समय रहते इस पर संज्ञान नहीं लिया गया, तो यह एक बड़े प्रशासनिक विवाद का रूप ले सकता है।



