प्राचार्य पदोन्नति में घोर अनियमितता, रायगढ़ जिले के 39 व्याख्याताओं के साथ अन्याय

रायगढ़।
छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग, टी संवर्ग महानदी भवन, नया रायपुर के आदेश दिनांक 30 अप्रैल 2025 के अंतर्गत प्राचार्य पदोन्नति सूची जारी की गई है। लेकिन इस सूची में घोर अनियमितता साफ दिखाई दे रही है।
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा 1 अप्रैल 2023 की वरिष्ठता सूची के अनुसार व्याख्याताओं से गोपनीय प्रतिवेदन मंगाए गए थे। बावजूद इसके विभाग द्वारा जारी प्राचार्य पदोन्नति सूची (एलबी संवर्ग) में वरिष्ठता को दरकिनार कर 301 प्राचार्यों की चयन सूची जारी कर दी गई।
इसमें आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि सरल क्रमांक 306 के बाद 80 व्याख्याताओं को पदोन्नत सूची में स्थान मिल गया, जबकि सरल क्रमांक 268 से 306 तक के कुल 39 व्याख्याताओं (सिर्फ रायगढ़ जिले के) को सूची से बाहर कर दिया गया।
इस विसंगति को लेकर रायगढ़ जिले के व्याख्याताओं ने दिनांक 1 मई 2025 को लिखित रूप में अभ्यावेदन लोक शिक्षण संचालनालय को दिया था। इसके बाद भी कई बार ज्ञापन दिए गए, लेकिन अब तक किसी का निराकरण नहीं हुआ।
पीड़ित व्याख्याताओं का कहना है कि संचालनालय जाने पर उन्हें एक-दूसरे के पास भटकाया जाता है, लेकिन समाधान नहीं निकलता। इतना ही नहीं, बिना निराकरण किए ही पदोन्नति प्राचार्य (टी संवर्ग) की काउंसलिंग सूची जारी कर 20 अगस्त 2025 से आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
शिक्षा विभाग की इस लापरवाही और अंदरुनी मिलीभगत पर अब सवाल उठने लगे हैं। व्याख्याताओं ने शासन से न्यायपूर्ण कार्रवाई की मांग की है।



