
रायपुर।
जिस समाज को ईश्वर ने नेतृत्व और हुनर का वरदान दिया है, वही आज अपने अस्तित्व और भविष्य को लेकर संकट का सामना कर रहा है।
नाई समाज के पास वह कला और कौशल है जिससे वे स्वयं के मालिक बनकर जीवन में सफलता हासिल कर सकते हैं। लेकिन वर्तमान परिस्थिति में अधिकतर लोग दूसरों के खोले हुए सैलून और पार्लर में मजदूर की तरह काम करने को मजबूर हैं।
👉 समस्या:
नाई समाज का युवा अपना हुनर होते हुए भी स्वावलंबी नहीं बन पा रहा।पूंजी और संसाधनों की कमी के कारण उन्हें दूसरों की दुकानों में काम करना पड़ रहा है।
👉 समाधान:
समाज को उन पिछड़े वर्ग के लोगों का सहयोग करना होगा जो स्वयं की दुकान खोलने की स्थिति में नहीं हैं।
जागरूकता और सहयोग से नाई समाज के युवा अपने हुनर के मालिक बन सकते हैं।
🗣️ समाज के वरिष्ठजनों की अपील
“अगर समय रहते समाज नहीं जागा तो आने वाली पीढ़ी मजदूरी करने को मजबूर हो जाएगी। नाई समाज को मिलकर आगे आना होगा।”



