
रायगढ़ :- महिला सशक्तिकरण और आर्थिक मजबूती के उद्देश्य से संचालित बिहान योजना का क्रियान्वयन जनपद पंचायत पुसौर में सवालों के घेरे में आ गया है। योजना का मकसद जहाँ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है, वहीं सूत्रों के मुताबिक सक्षम अधिकारियों की लापरवाही और निगरानी के अभाव में यह योजना केवल कोरम पूर्ति तक सिमट कर रह गई है।
ग्रामीण स्तर पर यदि जनपद पंचायत सीईओ औचक निरीक्षण करें और महिला समूह की अध्यक्षों एवं सदस्यों से चर्चा करें तो अधिकांश बिहान दीदियों को आर्थिक स्वावलंबन संबंधी योजनाओं की सही जानकारी तक नहीं है। 
आरोप है कि उच्च अधिकारी केवल कागजी खानापूर्ति करने के लिए आनन-फानन में महिला संगठनों से प्रस्ताव मंगाकर योजना पूर्ण दिखा देते हैं। कई बार तो महिला संगठन की बैठक तक बिना कराए ही दस्तावेज जारी कर दिए जाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि बिहान महिला समूहों की वास्तविक बैठकों का रिकॉर्ड गूगल केम एप कैमरा या फोटो प्रमाण के साथ लिया जाना चाहिए, ताकि अधिकारियों की कार्यप्रणाली पारदर्शी हो सके और दीदियों को गुमराह न किया जा सके।
अब देखना यह होगा कि जनपद पंचायत पुसौर के सीईओ इस योजना के प्रत्येक बिंदु पर कितनी सख्ती से नजर रखते हैं, जिससे महिलाएं वास्तव में सशक्त होकर आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ सकें।



