जनपद पंचायत पुसौर में सामुदायिक मध्यस्थता चयन पर उठे सवाल आनन फानन मंगाई जा रही है आवेदन!

पुसौर। जनपद पंचायत पुसौर में सामुदायिक मध्यस्थता चयन की प्रक्रिया को लेकर ग्राम प्रतिनिधियों में नाराज़गी बढ़ गई है। आरोप है कि चयन कार्य आनन-फानन में बिना मुनादी, चर्चा और इश्तहार के किया जा रहा है। विगत दिनों रायगढ़ ऑडिटोरियम में हाईकोर्ट अधिवक्ता द्वारा सरपंच-सचिवों को प्रशिक्षण दिया गया था, ताकि पंचायत स्तर पर सक्षम व्यक्तियों का निष्पक्ष चयन हो सके। परंतु आरोप है कि पुसौर क्षेत्र में अधिकारियों द्वारा सचिवों पर दबाव बनाकर जल्दबाजी में आवेदन मंगाए जा रहे हैं।
ग्राम पंचायतों से मिली जानकारी के अनुसार अधिकांश जगहों पर निर्धारित मापदंडों की अनदेखी कर राष्ट्रीय पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के नाम भेजे जा रहे हैं। इसी मुद्दे पर आज ग्राम पंचायत गोर्रा के 7-8 पंच सीईओ के पास पहुंचे और आपत्ति दर्ज कराई। पंचों का कहना है कि ग़लत नामों को आगे बढ़ाया जा रहा है, लेकिन सीईओ ने आवेदन की पावती तक नहीं दी और इसे ग्राम सभा का मामला बताते हुए टालमटोल कर दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस तरह चयन जारी रहा तो निष्पक्ष सामुदायिक मध्यस्थता चयन समिति का गठन संभव नहीं हो पाएगा।



