
रायगढ़ / पुसौर।
जनपद पंचायत पुसौर के ग्राम गोर्रा में बिहान समूह की पशु सखी और कृषि सखी की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर हुई शिकायत की जांच को अब 20 दिन से अधिक बीत चुके हैं, लेकिन आज तक जनपद पंचायत के सक्षम अधिकारी कोई निर्णय नहीं ले पाए हैं। इस मामले में शिकायतकर्ताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जांच जानबूझकर रोकी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, पंचायत क्षेत्र में महिलाओं की स्व-सहायता समूहों के माध्यम से चयनित पशु सखी और कृषि सखी की नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायतें सामने आई थीं। जांच आदेश जारी होने के बावजूद अब तक रिपोर्ट नहीं आई है, जिससे ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं में नाराज़गी बढ़ रही है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जनपद पंचायत पुसौर के कई अन्य मामलों की जांच भी महीनों से लंबित है। लोगों ने आशंका जताई है कि कमीशन के खेल के चलते कुछ अधिकारी जांच को जानबूझकर रोक रहे हैं।
सबसे बड़ी बात यह है कि यह जनपद क्षेत्र राज्य के वित्त मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में आता है, फिर भी यहां के प्रशासनिक अधिकारी उदासीन रवैया अपनाए हुए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि जब शासन की मंशा पारदर्शी व्यवस्था की है, तब अधिकारियों की यह मनमानी समझ से परे है।
अब देखना यह होगा कि जनपद पंचायत पुसौर के अधिकारी कब तक इस जांच का अंतिम निष्कर्ष प्रस्तुत करते हैं और क्या दोषियों पर कार्रवाई होती है या नहीं। फिलहाल, जांच की यह धीमी रफ्तार प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है।



