नगर पंचायत पुसौर में आवास की किस्त और चावल के लिए भटकती वृद्ध महिला!

पुसौर :- रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र के नगर पंचायत पुसौर के वार्ड क्रमांक 14 की एक वृद्ध महिला इन दिनों शासन-प्रशासन के चक्कर काटते-काटते परेशान हो चुकी है। उम्र के इस अंतिम पड़ाव में जहां सरकार की योजनाओं से सहारा मिलना चाहिए, वहीं हालात ऐसे हैं कि महिला आवास योजना की तीसरी किस्त और नियमित चावल वितरण के लिए कभी नगर पंचायत पुसौर तो कभी जनपद पंचायत पुसौर के चक्कर लगाने को मजबूर है।
महिला के अनुसार उसने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तीसरी किस्त के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए हैं, लेकिन किस्त जारी नहीं होने से निर्माण अधूरा पड़ा है। कई बार अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद उसे केवल आश्वासन ही मिला। दूसरी ओर, सार्वजनिक वितरण प्रणाली से मिलने वाला चावल भी समय पर नहीं मिल पा रहा, जिसके चलते उसे अपने बुढ़ापे में भोजन तक की चिंता सताने लगी है।
सरकार एक तरफ दावा करती है कि गरीबों को आवास, राशन और मूलभूत सुविधाएं प्राथमिकता से उपलब्ध कराई जा रही हैं। लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिलकुल उलट नजर आती है। पुसौर क्षेत्र के स्थानीय जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि विकास का डंका बजाते नहीं थकते, परंतु इसी क्षेत्र की एक असहाय वृद्ध महिला की पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है।
यह सवाल उठना लाजमी है कि जिसका कोई नहीं, जिसके पास पहुंच नहीं, जो किसी रुतबे वाली श्रेणी में नहीं आता, क्या उसे योजनाओं का लाभ मिलना संभव है? गरीब हितग्राहियों के लिए बनी योजनाओं का लाभ अगर जरूरतमंदों तक ही नहीं पहुंचे, तो ऐसी योजनाओं का उद्देश्य ही क्या रह जाता है?
वृद्ध महिला न्याय और सहायता की उम्मीद में रोज़ पुसौर के कार्यालयों के चक्कर लगा रही है। अब देखना यह है कि प्रशासन कब जागता है और उसे उसका हक कब मिलता है।



