खरसिया में भाजपा का छाया कार्यकर्ता बनें, राष्ट्रहित में निभाएँ जिम्मेदारी!

खरसिया विधानसभा क्षेत्र में राजनीति केवल पद, प्रचार और मंच तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। आज आवश्यकता है ऐसे भाजपा कार्यकर्ताओं की, जो बिना नाम-यश की अपेक्षा किए “छाया कार्यकर्ता” बनकर संगठन और राष्ट्रहित के लिए निरंतर कार्य करें। छाया कार्यकर्ता वह होता है, जो पर्दे के पीछे रहकर संगठन की जड़ों को मजबूत करता है और विपरीत परिस्थितियों में भी पार्टी के साथ खड़ा रहता है।
खरसिया में यह देखा गया है कि चुनाव के समय कई चेहरे सामने आ जाते हैं, लेकिन चुनाव बीतते ही जनता से उनका नाता टूट जाता है। इसके विपरीत छाया कार्यकर्ता वर्ष भर जनता के बीच रहता है—कभी किसान की समस्या सुनता है, कभी युवाओं को रोजगार व राष्ट्र निर्माण से जोड़ता है, तो कभी सरकारी योजनाओं की सही जानकारी आमजन तक पहुँचाता है। यही निरंतरता संगठन की असली ताकत होती है।
भाजपा की विचारधारा राष्ट्र प्रथम पर आधारित है। ऐसे में खरसिया का प्रत्येक समर्पित कार्यकर्ता यदि निजी स्वार्थ से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता दे, तो क्षेत्र में संगठन को नई ऊर्जा मिल सकती है। छाया कार्यकर्ता सोशल मीडिया से लेकर बूथ स्तर तक सक्रिय रहकर गलत सूचनाओं का जवाब देता है, विपक्ष के भ्रम को तोड़ता है और पार्टी की नीतियों को सरल भाषा में जनता तक पहुँचाता है।
आज जरूरत इस बात की है कि खरसिया में दिखावे की राजनीति से हटकर सेवा और समर्पण की राजनीति को आगे बढ़ाया जाए। छाया कार्यकर्ता बनकर कार्य करने वाला व्यक्ति भले ही सुर्खियों में न आए, लेकिन वही चुनावी शतरंज में भाजपा की जीत की सबसे मजबूत चाल साबित होता है। यदि अधिक से अधिक कार्यकर्ता इस भावना के साथ आगे आएँ, तो खरसिया में भाजपा को मजबूत होने से कोई नहीं रोक सकता।



