खरसिया भाजपा को जोकर नेता नहीं, जनहित नेता चाहिएl जों विपक्ष विधायक से स्थानीय मुद्दों मे सामना करें, शासन के योजनाओं को लोगो के बीच बताये!

रायगढ़ :-खरसिया विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी को यदि जनता का भरोसा मज़बूत करना है, तो अब उसे दिखावटी राजनीति से बाहर निकलना होगा। क्षेत्र की आम जनता खुलकर कह रही है कि भाजपा को ऐसे नेता नहीं चाहिए जो केवल मंचों पर दिखें, कार्यक्रमों में घूम-घूमकर फोटो खिंचवाएँ और सोशल मीडिया पर सक्रिय रहकर खुद को जननेता साबित करें। खरसिया को आज जोकर नेता नहीं, बल्कि ज़मीनी जनहित नेता चाहिए। जों स्थानीय मुद्दों मे विपक्ष विधायक से सामना करें व शासन योजनाओं को लोगो तक पहुचायेंl
वर्तमान समय में शासन की अनेक जनकल्याणकारी योजनाएँ चल रही हैं—प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, किसान सम्मान निधि, वृद्धा एवं विधवा पेंशन जैसी योजनाएँ जनता के लिए बनाई गई हैं। लेकिन हकीकत यह है कि कई पात्र हितग्राही आज भी इन योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। इसका मुख्य कारण नेताओं और जनप्रतिनिधियों का फॉलोअप न करना और अधिकारियों पर दबाव न बनाना है।
जनता का आरोप है कि कुछ भाजपा नेता केवल कार्यक्रमों की शोभा बढ़ाने, माला पहनने और अखबारों में फोटो छपवाने तक सीमित रह गए हैं। न तो वे जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हैं और न ही समाधान के लिए लगातार प्रयास करते हैं। सड़क, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोज़गार जैसे बुनियादी मुद्दे आज भी लोगों के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
बीजेपी की ताकत हमेशा उसका कार्यकर्ता और उसकी जनसेवा की राजनीति रही है। यदि पार्टी फिर से उसी राह पर लौटे और ऐसे नेताओं को आगे बढ़ाए जो गांव-गांव, मोहल्ले-मोहल्ले जाकर जनता की समस्याओं को समझें, तभी संगठन मज़बूत होगा। केवल भाषण और प्रचार से नहीं, बल्कि काम करके विश्वास जीता जाता है।
खरसिया की जनता अब जागरूक है। वह ऐसे नेता चाहती है जो सत्ता और संगठन के बीच सेतु बनकर काम करें, योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाएँ और जवाबदेही तय करें। साफ है—बीजेपी को जोकर नेता नहीं, बल्कि सच्चे जनहित नेता चाहिए, तभी जनता का समर्थन स्थायी रूप से मिल पाएगा।



