रायपुर के सोनपरी असंग आश्रम में भव्य हिन्दू सम्मेलन, सर संघ चालक डॉ. मोहन भागवत के प्रेरक विचारों से गूंजा राष्ट्रबोध!


रायपुर। राजधानी रायपुर के सोनपरी स्थित असंग आश्रम में आज भव्य हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परम पूजनीय सर संघ चालक डॉ. मोहन भागवत की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। इस अवसर पर उनके प्रेरणादायक व्याख्यान ने राष्ट्र निर्माण, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जागरण की दिशा में उपस्थित जनसमूह को नई ऊर्जा और स्पष्ट दिशा प्रदान की।

डॉ. मोहन भागवत ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्र केवल भौगोलिक सीमा नहीं, बल्कि साझा संस्कृति, मूल्य और सामाजिक समरसता से निर्मित होता है। उन्होंने सामाजिक एकता को राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि जब समाज संगठित होता है, तब ही सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र का निर्माण संभव होता है। उन्होंने भारतीय संस्कृति की जड़ों को मजबूत करने, अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सकारात्मक परिवर्तन पहुँचाने का आह्वान किया।
उनके विचारों ने सम्मेलन में उपस्थित हजारों श्रोताओं को गहराई से प्रभावित किया। पूरा परिसर “राष्ट्र प्रथम” की भावना से ओतप्रोत नजर आया और श्रोताओं में विशेष उत्साह व ऊर्जा का संचार देखने को मिला।

इस गरिमामय अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने डॉ. मोहन भागवत के विचारों को समाज के लिए मार्गदर्शक बताया।
हिन्दू सम्मेलन के माध्यम से सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और अधिक मजबूती मिली। आयोजन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि संगठित समाज और जागरूक नागरिक ही सशक्त भारत की आधारशिला हैं।



