राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से सेवा भूमि की खुली लूट! नहरपाली में अवैध बिक्री-प्लॉटिंग का खेल, शासन की ज़मीन पर भू-माफिया बेखौफ!

खरसिया/रायगढ़।
रायगढ़ जिले के खरसिया तहसील अंतर्गत नहरपाली क्षेत्र में शासकीय सेवा भूमि की अवैध बिक्री और प्लॉटिंग का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि यह पूरा खेल राजस्व अधिकारियों की सहमति और संरक्षण में लंबे समय से चल रहा है, जिससे शासन को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है और भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।
जानकारी के अनुसार नहरपाली में शासकीय सेवा भूमि, जो मूलतः गांव के कोटवार को सेवा और जीवनयापन के लिए दी जाती है, उसे नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से बेचा गया। आरोप है कि ग्राम के पूर्व कोटवार द्वारा करीब 1 एकड़ 50 डिसमिल सेवा भूमि को कौड़ियों के भाव एक निजी व्यक्ति को बेच दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि यह भूमि न तो बिक्री योग्य थी और न ही इसके हस्तांतरण की कानूनी अनुमति थी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस अवैध सौदे के बाद संबंधित जमीन का नामांतरण भी कर दिया गया, जो बिना राजस्व अमले की मिलीभगत के संभव नहीं है। अब उसी जमीन पर बड़े पैमाने पर प्लॉट काटकर लाखों रुपये में खुलेआम बिक्री की जा रही है। नहरपाली नहर के ठीक सामने चल रहे इस अवैध धंधे को देखकर भी प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि पूरे मामले की जानकारी राजस्व विभाग के अधिकारियों को है, इसके बावजूद अब तक न तो जमीन को सील किया गया है और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी या भू-माफिया के खिलाफ ठोस कार्रवाई हुई है। इससे यह संदेह गहराता जा रहा है कि कहीं न कहीं राजस्व विभाग की मौन सहमति से ही शासकीय जमीन की लूट हो रही है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, अवैध नामांतरण को निरस्त किया जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। अब देखना यह होगा कि शासन इस मामले में सेवा भूमि को अपने कब्जे में लेकर भू-माफियाओं पर शिकंजा कसता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।



