कौवाताल में बाल सुरक्षा से खुला खिलवाड़! स्कूल परिसर से सटी फ्लाई ऐश ब्रिक्स मशीन, कभी भी हो सकती है बड़ी दुर्घटना!



रायगढ़ :- तहसील पुसौर के अंतर्गत ग्राम कौवाताल के कुधरी डीपा मोहल्ला में प्रशासनिक लापरवाही और नियमों की खुली अवहेलना का गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ आंगनबाड़ी स्कूल और प्राथमिक शाला के ठीक परिसर से सटे हुए फ्लाई ऐश ब्रिक्स (ईंट निर्माण) की मशीन स्थापित कर दी गई है। इस अवैध मशीन से निकलने वाला तेज़ शोर, धूल और लगातार ट्रकों का आवागमन नन्हे बच्चों की जान के लिए बड़ा खतरा बन चुका है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल समय के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही से बच्चों में भय का माहौल है। कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और पंचायत पर होगी। हैरानी की बात यह है कि सूत्रों के अनुसार उक्त ठेकेदार ने ग्राम पंचायत से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) तक नहीं लिया है, जबकि पंचायत सीमा में इस प्रकार की मशीन लगाने के लिए NOC अनिवार्य है।

नियम स्पष्ट हैं— बिना पंचायत अनापत्ति प्रमाण पत्र के न तो पर्यावरण स्वीकृति मिल सकती है और न ही फ्लाई ऐश ब्रिक्स मशीन का संचालन वैध माना जाता है। इसके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर उत्पादन धड़ल्ले से जारी है। यह सीधा-सीधा पंचायत अधिनियम, पर्यावरण नियमों और बाल सुरक्षा कानूनों का उल्लंघन है।
जानकारों का कहना है कि बिना अनुमति संचालित फ्लाई ऐश ब्रिक्स फैक्ट्री को ग्राम पंचायत या स्थानीय प्रशासन तत्काल सील कर सकता है। इसके साथ ही भारी आर्थिक जुर्माना, उत्पादन पर रोक और अवैध व्यवसाय संचालन को लेकर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।


सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब मामला स्कूल और आंगनबाड़ी व प्राथमिक शाला के बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा है, तब अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या किसी राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण में नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं?
अब देखना यह होगा कि प्रशासन तुरंत मशीन बंद कर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है या फिर किसी बड़ी दुर्घटना का इंतज़ार किया जाएगा।



