एनआरएलएम योजना में नियमों की खुलेआम अनदेखी, जिला रायगढ़ में प्रभारी की लापरवाही से महिला सशक्तिकरण पर सवाल!
रायगढ़:- एनआरएलएम (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) योजना, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें नेतृत्व के अवसर देना है, वही योजना जिला रायगढ़ में अपने उद्देश्य से भटकती नजर आ रही है। आरोप है कि जिला रायगढ़ के एनआरएलएम प्रभारी की गंभीर लापरवाही और मनमानी के चलते योजना के नियमों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं।
जिले की सभी जनपद पंचायतों में एनआरएलएम योजना की शाखाएं संचालित की जाती हैं, ताकि ग्रामीण क्षेत्र की सक्रिय महिला सदस्यों को नियमानुसार पद, जिम्मेदारी और निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर मिल सके। लेकिन हकीकत इससे उलट दिखाई दे रही है। नियमों के अनुसार पदों का रोटेशन, सक्रियता की अनिवार्यता और पारदर्शी चयन प्रक्रिया को दरकिनार कर कुछ चुनिंदा लोगों को वर्षों से पदों पर बनाए रखा जा रहा है।
स्थानीय महिलाओं का कहना है कि योग्य और सक्रिय सदस्यों को जानबूझकर अवसर से वंचित किया जा रहा है, जिससे महिला सशक्तिकरण की मूल भावना को गहरी ठेस पहुंची है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जिला स्तर पर बैठे जिम्मेदार अधिकारी आखिर किन दबावों या कारणों से इन अनियमितताओं पर आंख मूंदे हुए हैं।
अब देखना यह है कि प्रशासन और उच्च अधिकारी इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हैं या फिर एनआरएलएम जैसी महत्वाकांक्षी योजना यूँ ही लापरवाही और भ्रष्ट कार्यप्रणाली की भेंट चढ़ती रहेगी।



