बेटियों के लिए संकल्प, समाज के लिए संदेश सरपंच मीनाक्षी टेकलाल नायक ने रची कन्यादान की मिसालl
जब सरपंच बनी माँ, बेटियों के सपनों का सहारा बनी l


पुसौर :-रायगढ़ जिले के जनपद पंचायत पुसौर अंतर्गत ग्राम पंचायत सुर्री में सरपंच मीनाक्षी टेकलाल नायक केवल एक जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि बेटियों के लिए स्नेह, सुरक्षा और सहयोग की प्रतीक बन चुकी हैं। जिस कुर्सी को अक्सर केवल प्रशासनिक दायित्वों से जोड़ा जाता है, उसी कुर्सी को उन्होंने मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी का माध्यम बना दिया है।
सरपंच बनने से पहले लिया गया उनका संकल्प आज गांव की हर बेटी के जीवन में विश्वास की रोशनी बनकर चमक रहा है। उन्होंने कहा था— “अगर मैं सरपंच बनी, तो विकास के साथ-साथ गांव की हर बेटी के विवाह में कन्यादान स्वरूप ₹20,000 का सहयोग करूंगी।” यह केवल एक घोषणा नहीं थी, बल्कि एक भावनात्मक वचन था, जिसे उन्होंने पूरी निष्ठा से निभाया।

सरपंच बनते ही बीते वर्ष दो बेटियों के विवाह में ₹20-₹20 हजार की सहायता देकर उन्होंने अपने संकल्प को धरातल पर उतारा। इसी कड़ी में 5 फरवरी 2026 को ग्राम सुर्री निवासी पारस प्रसाद दुबे की पुत्री उर्वशी दुबे एवं स्वर्गीय नंभूराम भारद्वाज की पुत्री ईश्वरी भारद्वाज के विवाह अवसर पर स्वयं उपस्थित होकर सरपंच मीनाक्षी टेकलाल नायक ने कन्यादान स्वरूप सहयोग राशि प्रदान की। उस क्षण वहां केवल एक सरपंच नहीं, बल्कि हर बेटी के सिर पर स्नेह से हाथ रखने वाली एक माँ खड़ी थी।
इस अवसर पर श्रीमती मोगरा नायक, रायगढ़ की पार्षद श्रीमती त्रिवेणी डहरे, खीरसागर नायक, बालमुकुंद चौधरी, नित्यानंद पटेल, सत्यानंद नायक, फागुलाल नायक, गंगाधर कुर्रे, भोजराम पटेल, बृजेन्द्र त्रिपाठी, छबिलाल कुर्रे एवं खगेश्वर कुर्रे की गरिमामयी उपस्थिति रही।
ग्रामवासियों की आंखों में कृतज्ञता और सम्मान साफ झलक रहा था। लोगों का कहना है कि मीनाक्षी टेकलाल नायक ने यह साबित कर दिया कि यदि जनप्रतिनिधि संवेदनशील हो, तो राजनीति भी सेवा बन जाती है। उनकी यह पहल न केवल सुर्री गांव, बल्कि पूरे अंचल के लिए प्रेरणा है—जहां बेटियां बोझ नहीं, सम्मान हैं।



