बिहान में कार्रवाई आधी-अधूरी क्यों? क्षेत्रीय समन्वयक हटे, फिर पुसौर CEO और BPM पर चुप्पी क्यों?

रायगढ़ :-जनपद पंचायत पुसौर अंतर्गत एनआरएलएम की महत्वाकांक्षी बिहान योजना एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। हाल ही में क्षेत्रीय समन्वयक को हटाया जाना यह साबित करता है कि व्यवस्था में गड़बड़ियां स्वीकार की जा चुकी हैं, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब लापरवाही उजागर हो चुकी है, तो फिर जनपद पंचायत पुसौर के CEO और बिहान के BPM पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं?
सूत्रों और जनसूचना अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी के अनुसार, पुसौर में बिहान योजना से जुड़ी जानकारियां जानबूझकर छुपाई जा रही हैं। RTI आवेदन के बावजूद न तो BPM द्वारा समयसीमा में सही जवाब दिया गया और न ही जनसूचना अधिकारी की जिम्मेदारी निभाते हुए पुसौर CEO ने कोई ठोस पहल की। यह रवैया सीधे-सीधे सूचना के अधिकार अधिनियम का उल्लंघन माना जा रहा है।
चौंकाने वाली बात यह है कि इसी योजना से संबंधित वही जानकारी जब जनपद पंचायत रायगढ़ के CEO से मांगी गई, तो वहां से बिना किसी विलंब के संपूर्ण आंकड़े और दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए। इससे यह स्पष्ट होता है कि समस्या कानून या प्रक्रिया की नहीं, बल्कि पुसौर में बैठे अधिकारियों की मंशा और नीयत की है।
अब सवाल उठता है कि आखिर पुसौर में क्या छुपाया जा रहा है? क्या बिहान योजना के नाम पर वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं? क्या स्व-सहायता समूहों के नाम पर राशि का दुरुपयोग किया गया है? या फिर किसी बड़े घोटाले की परतें खुलने के डर से जानकारी रोकी जा रही है?
यदि क्षेत्रीय समन्वयक को हटाया जा सकता है, तो फिर लापरवाह BPM और जनसूचना आवेदन को दबाने वाले CEO को क्यों संरक्षण दिया जा रहा है? जनहित में मांग उठ रही है कि ऐसे अधिकारियों को तत्काल पुसौर से हटाकर उनके मूल पद पर भेजा जाए या त्वरित ट्रांसफर किया जाए, ताकि निष्पक्ष जांच संभव हो सके।
यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों पर सीधा हमला माना जाएगा।



