
रायगढ़ :- भूपदेवपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम डूमरपाली में इन दिनों नशे के खिलाफ जनआक्रोश खुलकर सामने आ गया है। स्व सहायता समूह (SHG) की महिला सदस्य, ग्राम पंचायत के सरपंच, पंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण गांव को नशा मुक्त बनाने की मांग को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ को ज्ञापन सौंपने पहुंचे। ग्रामीणों ने गांव में अवैध शराब और गांजा की खुलेआम बिक्री पर रोक लगाने की मांग करते हुए तत्काल सख्त कार्रवाई की अपील की है।

सक्रिय समूह की प्रमुख गंगा महंत ने बताया कि ग्राम डूमरपाली में लंबे समय से अवैध शराब और गांजा की बिक्री जारी है। इसके कारण युवा वर्ग तेजी से नशे की चपेट में आ रहे है। आए दिन शराब के नशे में विवाद, मारपीट और गाली-गलौज की घटनाएं सामने आती हैं, जिससे गांव का माहौल अशांत हो गया है। नशे के आदी लोगों के परिवारों को आर्थिक, सामाजिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं ने कहा कि कई घरों की खुशियां इस नशे की वजह से उजड़ रही हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में कई बार भूपदेवपुर थाना में सूचना दी गई, लेकिन पुलिस द्वारा केवल औपचारिक कार्रवाई की गई। इससे अवैध कारोबार करने वालों के हौसले और बुलंद हो गए हैं। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि शराब बेचने वाले परिवार और कुछ प्रभावशाली नेताओं द्वारा शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है।
ग्राम पंचायत डूमरपाली की सरपंच डोल कुमारी सारथी ने बताया कि वर्ष 2025 में पंचायत द्वारा गांव को नशा मुक्त घोषित करने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया था। पंचायत ने जनहित में कई जागरूकता अभियान भी चलाए, लेकिन कुछ लोग पंचायत के निर्णयों को दरकिनार कर धड़ल्ले से अवैध शराब की बिक्री कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब-जब थाना को सूचना दी गई, तब-तब नाम मात्र की कार्रवाई की गई, जिससे शराब माफियाओं का मनोबल लगातार बढ़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव की महिलाएं और बेटियां अब खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करतीं। नशे की वजह से गली-मोहल्लों में निकलना भी मुश्किल हो गया है। सामाजिक वातावरण पर इसका गहरा असर पड़ रहा है और गांव की छवि भी प्रभावित हो रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने एसपी और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अवैध शराब और गांजा कारोबार पर तत्काल रोक लगाने, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और गांव में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है।
वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि मामले की गंभीरता से जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अब देखना होगा कि प्रशासन की कार्रवाई से डूमरपाली को नशा मुक्त बनाने की मुहिम कितनी सफल होती है।



