खरसिया में बदलाव की आस: विकास, रोजगार और स्वस्थ राजनीति की दरकार !

रायगढ़ :- खरसिया विधानसभा क्षेत्र आज एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। क्षेत्र की जनता, विशेषकर युवा वर्ग, अब केवल वादों से संतुष्ट नहीं है,बल्कि ठोस विकास और पारदर्शी नेतृत्व की अपेक्षा रखता है। आम नागरिकों का मानना है कि जिस दिन खरसिया में दूरदर्शी और प्रतिबद्ध विधायक निर्वाचित होकर आएगा, उसी दिन से विकास की नई इबारत लिखी जाएगी।
क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों और औद्योगिक संभावनाओं की कोई कमी नहीं है। आसपास संचालित उद्योगों और कंपनियों के बावजूद स्थानीय युवाओं को अपेक्षित रोजगार नहीं मिल पा रहा है। यदि जनप्रतिनिधि ठोस योजना के साथ आगे बढ़े तो स्किल डेवलपमेंट के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जा सकते हैं आईटीआई, पॉलिटेक्निक और कौशल उन्नयन कार्यक्रमों को उद्योगों की जरूरतों से जोड़ा जाए, ताकि स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार मिल सके। इससे न केवल बेरोजगारी कम होगी, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।विकास का अर्थ केवल सड़कों और भवनों का निर्माण नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई और स्वरोजगार जैसे मूलभूत क्षेत्रों में स्थायी सुधार से है। खरसिया को एक विकसित विधानसभा क्षेत्र बनाने के लिए योजनाओं का समुचित क्रियान्वयन और पारदर्शिता अनिवार्य है। पंचायत स्तर तक जवाबदेही तय हो, जनसुनवाई प्रभावी हो और युवाओं को नीति निर्माण में भागीदारी मिले तभी वास्तविक परिवर्तन संभव है।

वर्तमान समय में छोटे-छोटे मुद्दों पर हो रही कटु और गंदी राजनीति से जनता ऊब चुकी है। राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, परंतु व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप और विकास कार्यों में बाधा डालना क्षेत्रहित में नहीं है। जनता अब सकारात्मक राजनीति चाहती है, जहां प्रतिस्पर्धा विकास की हो, न कि विवादों की।यह भी सच है कि कोई भी विधानसभा क्षेत्र किसी की बपौती नहीं होता। लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन स्वाभाविक प्रक्रिया है। राजनीति परिवर्तन का पर्याय है—आज नहीं तो कल बदलाव निश्चित है। जब जनता जागरूक होती है, तो वह अपने अधिकारों और भविष्य के लिए सही निर्णय लेती है।
खरसिया की जनता को उम्मीद है कि आने वाले समय में ऐसा नेतृत्व उभरेगा जो क्षेत्र के समग्र विकास, युवाओं के कौशल उन्नयन और स्थानीय रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा। स्वस्थ राजनीतिक वातावरण, पारदर्शी प्रशासन और जनभागीदारी के साथ खरसिया निश्चित रूप से प्रगति की नई राह पर अग्रसर हो सकता है।
अब समय है संकल्प का—विकास के लिए, रोजगार के लिए और स्वच्छ राजनीति के लिए। खरसिया बदलाव की ओर देख रहा है, और बदलाव की यह लहर कब जनादेश में परिवर्तित हो जाए, कहना मुश्किल नहीं।



