
रायगढ़। जनपद पंचायत पुसौर की बिहान शाखा एक बार फिर विवादों के घेरे में है। एनआरएलएम योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्षवार प्राप्त राशि की जानकारी सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत 4 नवंबर 2025 को बिंदुवार मांगी गई थी। लेकिन जनपद पंचायत पुसौर के जनसूचना अधिकारी द्वारा निर्धारित समय सीमा में जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
इसके उलट, पत्र क्रमांक 3830 दिनांक 2 दिसंबर 2025 के माध्यम से यह जवाब दिया गया कि मांगी गई जानकारी जनपद स्तर पर उपलब्ध नहीं है। इस जवाब से असंतुष्ट होकर आवेदक ने प्रथम अपीलीय अधिकारी, जिला पंचायत रायगढ़ में अपील प्रस्तुत की। जनसुनवाई के बाद 23 जनवरी 2026 को अपीलीय अधिकारी ने स्पष्ट आदेश दिया कि तीन दिवस के भीतर आवेदक को निःशुल्क जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
लेकिन आदेश के 15 दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आज तक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इससे यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर जनपद पंचायत पुसौर की बिहान शाखा में ऐसा क्या है जिसे सार्वजनिक करने से अधिकारी बचना चाह रहे हैं?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कलेक्टर की अध्यक्षता में निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं और तत्कालीन अधिकारियों की भूमिका भी उजागर हो सकती है। सूचना के अधिकार जैसे पारदर्शिता के कानून की अनदेखी प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और आम जनता को पारदर्शिता का हक कब तक मिलता है।



