तीन माह से राशन बंद: पुसौर जनपद में भटकता रहा बुजुर्ग हितग्राही, जिम्मेदारों की चुप्पी पर सवाल !


रायगढ़। जनपद पंचायत पुसौर अंतर्गत ग्राम पंचायत सुपा के ग्राम ठेगागुड़ी में राशन व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई है। प्राथमिकता (नीला) राशन कार्डधारी बुजुर्ग हितग्राही कन्हाई सिदार अपनी वृद्ध धर्मपत्नी के साथ पिछले तीन महीनों से राशन के लिए पंचायत से लेकर जनपद कार्यालय तक भटक रहे हैं, लेकिन उन्हें उनका पूरा हक अब तक नहीं मिला है।
कन्हाई सिदार का कहना है कि उन्हें दो सदस्य के हिसाब से प्रतिमाह 20 किलो चावल मिलना चाहिए, लेकिन बीते तीन माह से केवल उनकी पत्नी के हिस्से का ही चावल दिया जा रहा है। उनका स्वयं का हिस्सा यह कहकर रोका जा रहा है कि उनका ई-केवाईसी नहीं हुआ है। सवाल यह है कि जब हितग्राही बार-बार राशन दुकान जा रहा है, तो ई-केवाईसी की प्रक्रिया क्यों पूरी नहीं कराई जा रही?

आरोप है कि राशन विक्रेता अधिकारी के पास भेज देताहै, अधिकारी सचिव के पास, और सरपंच फिर से अधिकारी के पास जाने को कह देता है। जिम्मेदारी तय करने के बजाय एक गरीब बुजुर्ग को दफ्तरों के चक्कर कटवाए जा रहे हैं। कन्हाई सिदार का दर्द साफ है—“गरीब के लिए सुनने वाला कोई नहीं है।”
तीन माह से राशन से वंचित यह परिवार किसी तरह आधे-अधूरे अनाज में गुजारा कर रहा है। जनपद पंचायत पुसौर के जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर अब सवाल उठने लगे हैं। क्या ई-केवाईसी जैसी तकनीकी प्रक्रिया के नाम पर गरीबों का हक रोका जाएगा?
अब देखना यह होगा कि प्रशासन संज्ञान लेकर कन्हाई सिदार को उनका पूरा राशन दिलाता है या नहीं। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह मामला बड़े जनआक्रोश का कारण बन सकता है।



