फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर नौकरी खतरे में: चीफ इंजीनियर केके कटारे का प्रमाण पत्र निरस्त !

रायपुर। छत्तीसगढ़ के एक इंजीनियर की नौकरी खतरें में पड़ गई है। इंजीनियर पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार सरकारी नौकरी हासिल करने का आरोप लगा है। जांच में उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने उनका प्रमाण पत्र निरस्त करने का आदेश दिया है।
यह है मामला
चीफ इंजीनियर का नाम केके कटारे की जाति प्रमाण पत्र से जुड़ा है। केके कटारे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण में पदस्थ हैं। केके कटारे के जाति प्रमाण पत्र को लेकर दो लोगों ने शिकायत की थी। इनमें डोंगरगांव जनपद के उपाध्यक्ष विरेंद्र बोरकर और दूसरे विजय मिश्रा शामिल हैं।
2017 में पहली बार हुई थी शिकायत
जाति प्रमाण पत्र को लेकर विरेंद्र बोरकर ने सबसे पहले 2017 में शिकायत की थी। विजय मिश्रा ने भी छानबीन समिति में शिकायत की थी। इसके आधार पर समिति ने इस मामले को जांच में लिया था।
1978 में जारी हुआ था जाति प्रमाण पत्र
केके कटारे छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद मध्यप्रदेश से आए थे। कटारे मूल रुप से तुमसर, भंडारा महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। केके कटारे को 1978 में बालाघाट के नायब तहसीलदार जाति प्रमाण पत्र जारी किया। केके कटारे ने खटिक अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जमा किया था।
समिमि ने खारिज किया दावा
केके कटारे ने खुद को अनुसूचित जाति के होने का दावा किया था, समिति ने उनके इस दावे को खारिज कर दिया। उच्च स्तरीय छानबीन समिति माना कि केके कटारे मूल रुप से महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। लेकिन नियमानुसार उनका जाति प्रमाण पत्र अविभाजित मध्य प्रदेश में मान्य नहीं किया जा सकता।
जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने का आदेश
सभी पत्रों को सुनने और दस्तावेजों की जांच करने के बाद उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने केके कटारे को जारी खटिक (अनुसूचित जाति) जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया है।i।



