गेजामुड़ा विवाद पर नरेश पटेल का तीखा हमला: “स्थानीय विधायक जवाब दें, विपक्ष की भूमिका पर उठे सवाल”

रायगढ़। खरसिया विधानसभा क्षेत्र के गेजामुड़ा गांव में जमीन और उद्योग को लेकर चल रहे विवाद के बीच वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता नरेश पटेल “धनागर” ने स्थानीय विधायक उमेश पटेल पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने विधायक की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए खुली चुनौती दी है कि वे जनता के बीच आकर अपनी स्थिति स्पष्ट करें।
नरेश पटेल ने आरोप लगाया कि जहां एक ओर टिपाखोल डेम के टूटने के बाद विधायक पूरे लाव-लश्कर के साथ मौके पर पहुंचे और औपचारिकता निभाई, वहीं गेजामुड़ा के किसानों और ग्रामीणों के साथ हो रही घटनाओं के दौरान वे नजर नहीं आए। उन्होंने कहा कि महीनों से ग्रामीण अपनी जमीन और अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन इस दौरान विपक्ष की भूमिका कमजोर और निष्क्रिय दिखाई दी।
पटेल ने दावा किया कि गेजामुड़ा में ग्रामीणों के विरोध के दौरान पुलिस की बर्बरता सामने आई और लोगों को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उद्योग समूह अडानी ग्रुप के खिलाफ आवाज उठाने वालों को प्रताड़ित किया गया, जबकि प्रशासन मूकदर्शक बना रहा।
उन्होंने कहा, सत्ता जब अपने गलत मंसूबे को परवान चढ़ाने पे आ जाए तो विपक्ष का धर्म है कि वह जनता के साथ खड़ा हो, लेकिन यहां स्थिति इसके उलट नजर आई।” पटेल ने यह भी आशंका जताई कि क्षेत्र में उद्योगों के विस्तार के नाम पर ग्रामीणों के जल, जंगल और जमीन पर खतरा मंडरा रहा है।
नरेश पटेल ने स्थानीय विधायक से सीधे सवाल करते हुए कहा कि जब गेजामुड़ा में तनावपूर्ण स्थिति थी, तब वे घटनास्थल से महज कुछ किलोमीटर दूर होने के बावजूद सक्रिय क्यों नहीं हुए। उन्होंने इसे जनता के साथ अन्याय बताते हुए जवाब मांगने की बात कही।
इस पूरे मामले ने क्षेत्र की राजनीति को गरमा दिया है। अब देखना होगा कि विधायक और प्रशासन इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान कैसे निकाला जाता हैं।



