तेतला धान खरीदी मंडी में खुली लूट! राजस्व व नोडल अधिकारी के संरक्षण में मंडी प्रबंधक कर रहा किसानों से जबरन अधिक तौल, कब जागेंगे कलेक्टर?

पुसौर :-तेतला धान उपार्जन केंद्र एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। किसानों का कहना है कि मंडी प्रबंधक, राजस्व अधिकारी और नोडल अधिकारी की मिलीभगत से धान खरीदी में खुली धांधली की जा रही है। नियमों के अनुसार जितनी मात्रा में धान तौलकर खरीदी होनी चाहिए, उससे अधिक धान जबरन तौल लिया जा रहा है। किसान यदि अधिक तौल का विरोध करते हैं तो उन्हें साफ शब्दों में यह संकेत दिया जाता है कि उनकी खरीदी रोक दी जाएगी।
ग्रामीण किसानों का आरोप है कि यह खेल लंबे समय से चल रहा है, लेकिन प्रशासनिक संरक्षण के कारण अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। मजबूर किसान अपनी मेहनत की उपज बचाने के लिए चुप रहने को विवश हैं। कई किसानों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि “अगर ज्यादा तौल नहीं होने दी तो अगली बार टोकन नहीं मिलेगा, खरीदी लटकाई जाएगी या रिजेक्ट कर दी जाएगी।”
तेतला मंडी में धान खरीदी व्यवस्था पर सवाल इसलिए भी खड़े हो रहे हैं क्योंकि शासन द्वारा पारदर्शिता और किसानों के हितों की लगातार बात की जाती रही है। इसके बावजूद जमीनी हकीकत इसके ठीक उलट नजर आ रही है। सवाल यह भी है कि राजस्व अधिकारी और नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी निगरानी और निष्पक्षता की है, फिर उनकी मौजूदगी में यह गड़बड़ी कैसे चल रही है?
किसानों और सामाजिक संगठनों की मांग है कि जब तक मीडिया की उपस्थिति में औचक निरीक्षण और तौल का सत्यापन नहीं किया जाएगा, तब तक इस मंडी में धांधली रुकने वाली नहीं है। केवल कागजी जांच से सच्चाई सामने नहीं आएगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—कलेक्टर साहब आखिर कब तेतला धान खरीदी मंडी का औचक निरीक्षण करेंगे? क्या किसानों की आवाज सुनने के लिए किसी बड़े घोटाले का इंतजार किया जा रहा है, या फिर प्रशासन समय रहते कार्रवाई कर किसानों को राहत देगा? तेतला की मंडी आज जवाब मांग रही है।



