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पुसौर शिक्षा विभाग में मनमानी का राज, विभाग प्रमुख पर उठे तीखे सवाल!

पुसौर/रायगढ़।
पुसौर विकासखंड का शिक्षा विभाग इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। ब्लॉक में संचालित 100 से अधिक प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों से कथित रूप से विभागीय प्रमुख द्वारा अवैधानिक कार्य कराए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। खासकर महिला शिक्षकों को मानसिक दबाव में रखकर निजी काम करवाने, बार-बार कार्यालय बुलाने और अतिरिक्त खर्च उठाने को मजबूर किए जाने की शिकायतें चर्चा में हैं।
सूत्रों के अनुसार शिक्षकों द्वारा दी गई जानकारी को खंड शिक्षा कार्यालय में सुरक्षित रखने के बजाय जानबूझकर रोका जाता है और बाद में उसी जानकारी के नाम पर दोबारा बुलाकर परेशान किया जाता है। आरोप है कि कुछ शिक्षकों को काम के नाम पर स्कूल से बुलाकर निजी वाहन में बैठाकर इधर-उधर घुमाया गया, जिससे न केवल शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हुई बल्कि शिक्षकों की गरिमा पर भी सवाल खड़े हुए।
नाम न छापने की शर्त पर एक महिला शिक्षक ने बताया कि उन्हें “काम जल्दी कराने” के बहाने बार-बार बुलाया गया और आने-जाने का खर्च भी खुद वहन करने को कहा गया। इससे शिक्षकों में भय और असंतोष का माहौल है। शिक्षकों का कहना है कि यदि वे सवाल उठाते हैं तो अप्रत्यक्ष रूप से कार्रवाई का डर दिखाया जाता है।
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी उच्च अधिकारियों तक होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि विभागीय प्रमुख की ऊंचे स्तर तक पहुंच होने के कारण मामला दबाने की कोशिश की जा रही है।
शिक्षा जैसी संवेदनशील व्यवस्था में इस तरह की कार्यशैली न केवल प्रशासनिक संतुलन बिगाड़ रही है, बल्कि छात्रों के भविष्य पर भी सीधा असर डाल रही है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।



