जनपद पंचायत पुसौर में सूचना अधिकार की उड़ रही धज्जियाँ — अधिकारियों की मिलीभगत से बढ़ रहा भ्रष्टाचार?

रायगढ़/पुसौर : जनपद पंचायत पुसौर में सूचना अधिकार अधिनियम को धत्ता बताते हुए जन सूचना अधिकारी द्वारा जानकारी न देने का मामला गरमा गया है। जब आवेदक ने पुसौर जनपद अंतर्गत संचालित बिहान योजना के चारों क्लस्टर को जिला पंचायत से प्राप्त राशि, पुसौर जनपद को मिली राशि, ग्राम संगठनों को दिए जाने वाली धनराशि और ब्याज संबंधी जानकारी मांगी, तो जन सूचना अधिकारी व सीईओ पुसौर ने स्पष्ट जानकारी देने के बजाय गोल-गोल जवाब देने की आदत दिखाते हुए पत्र जारी कर दिया कि जानकारी क्लस्टर स्तर से प्राप्त करनी होगी।
सबसे बड़ी बात यह कि जिला पंचायत के अधिकारियों ने साफ कहा कि बिहान योजना में जन सूचना अधिकारी की जिम्मेदारी जनपद सीईओ की ही होती है। क्लस्टर स्तर पर किसी भी पद में जन सूचना अधिकारी नियुक्त नहीं होता, इसलिए जनपद को ही संपूर्ण जानकारी मुहैया करानी होगी। बावजूद इसके, अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से भागते दिख रहे हैं।
क्या यह जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ना नहीं?
क्या यह सूचना छिपाने और बिहान योजना में हो रहे संभावित भ्रष्टाचार को बचाने की साजिश नहीं?
जनपद पंचायत पुसौर में बैठे अधिकारी न तो समय पर योजनाओं की मॉनिटरिंग कर पा रहे हैं और न ही जनता को जानकारी। परिणाम—योजनाओं में पारदर्शिता पूरी तरह समाप्त! ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के नाम पर चल रही योजना में लाखो रुपये का खेल, और जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे बैठे हैं।
जनपद पंचायत पुसौर में कार्यरत ऐसे लापरवाह एवं संदेहास्पद अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही की माँग उठनी चाहिए, ताकि शासन द्वारा भेजी जाने वाली राशि का दुरुपयोग बंद हो और विकास योजनाओं में ईमानदारी सुनिश्चित की जा सके।
जनता अब सवाल पूछ रही है—
बिहान योजना के पैसे का हिसाब आखिर कौन देगा?
जनपद पंचायत पुसौर में भ्रष्टाचार कब रुकेगा?



