आरआई प्रमोशन घोटाला: फेल पटवारी को पास कराने का बड़ा खुलासा, 10 अधिकारी–कर्मचारियों पर फिर!

रायपुर। छत्तीसगढ़ में राजस्व निरीक्षक (आरआई) प्रमोशन परीक्षा में हुए बड़े घोटाले का खुलासा होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। पटवारी संघ और शासन द्वारा की गई शिकायत के आधार पर जांच करते हुए 10 अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है। इस पूरे मामले में मनमानी, फर्जीवाड़ा और नियमों की खुली अनदेखी सामने आई है।
जांच के अनुसार, प्रमोशन परीक्षा में कई पटवारियों को फेल होने के बाद भी पास कर दिया गया। इतना ही नहीं, परीक्षा केंद्रों पर गंभीर अनियमितताओं के तहत पति-पत्नी और आपस में परिचित अभ्यर्थियों को अगल-बगल बैठाकर परीक्षा दिलाई गई। इससे परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस घोटाले में 18 से अधिक लोगों की संलिप्तता की आशंका है। 19 नवंबर को राज्य के कई जिलों में छापामार कार्रवाई की गई, जिसमें 19 परीक्षा केंद्रों से महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए। जांच टीम ने पुष्टि की कि परीक्षा परिणामों में जानबूझकर हेरफेर कर फेल उम्मीदवारों को प्रमोशन के योग्य दिखाया गया।
मामले में तत्कालीन आयुक्त प्रमलता पंडाकर, सुमन टोप्पो, चंद्रक जाधव, आशिष प्रकाश जनजाले, माया यादव, ललिता देवांगन, ईश्वर लाल ठाकुर, हेमंत कोसिया, विजय यादव और रमेश कौशिक पर आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। इनमें से एक आरोपी की गिरफ्तारी भी हो चुकी है जबकि बाकी की गिरफ्तारी जल्द की जाएगी।
अधिकारियों पर कर्तव्य में लापरवाही, आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि यह मामला सिर्फ प्रमोशन परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्षों से चल रही अनियमितताओं की बड़ी कड़ी भी हो सकता है।
राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। उधर, पटवारी संघ ने इस घोटाले में शामिल सभी आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी धांधली दोबारा न हो।
यह घोटाला प्रशासनिक पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है और इसमें शामिल सभी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई जनता के विश्वास के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।



