जनपद पुसौर में विकास की रफ्तार थम रही कमजोर कार्यप्रणाली, सशक्त सीईओ की दरकार!

रायगढ़/पुसौर : जनपद पंचायत पुसौर इन दिनों प्रशासनिक ढीलापन और विभागीय अव्यवस्था के कारण लगातार चर्चाओं में है। क्षेत्रीय लोगों का मानना है कि पुसौर को तुरंत एक सक्षम और सशक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) की आवश्यकता है, जो सभी पंचायतो में चल रहे योजनाओं और विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित कर सके। वर्तमान में स्थिति यह है कि स्थापना शाखा, मनरेगा निर्माण शाखा और बिहान शाखा—तीनों ही विभागों में कामकाज सुचारू रूप से नहीं चल पा रहा है।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का आरोप है कि मनरेगा तकनीकी इंजीनियरों द्वारा वृक्षारोपण के नाम पर भारी अनियमितताएँ हो रही हैं। यदि इन कार्यों का निष्पक्ष निरीक्षण कराया जाए तो लाखों रुपये का घोटाला सामने आ सकता है। वहीं दूसरी ओर वर्तमान सीईओ की कार्यकुशलता पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें जनसूचना आवेदन (RTI) की प्रक्रिया और अपने प्रशासनिक अधिकारों की जानकारी तक नहीं है, जिसके कारण अधिकारी–कर्मचारी बेलगाम होते जा रहे हैं।
ऐसे में पुसौर के समग्र विकास पर ब्रेक लगता नजर आ रहा है। ग्रामीण आम राय दे रहे हैं कि यदि समय रहते वित्त मंत्री एवं जिला प्रशासन इस पदस्थ सीईओ का प्रभार परिवर्तित नहीं करता, तो पुसौर में विकास योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावित होता रहेगा और भ्रष्टाचार की जड़ें और मजबूत होंगी। जनपद पंचायत के सुचारू संचालन और पारदर्शी प्रशासन के लिए एक सक्षम, सक्रिय और अनुभवी सीईओ की नियुक्ति समय की मांग बन चुकी है।



