जनपद पंचायत अधिकारी पुसौर के संरक्षण में भ्रष्टाचार? ग्राम पंचायत सेमरा में आंगनवाड़ी भवन निर्माण में पुराने सामग्री लगाने का गंभीर आरोप!


रायगढ़/पुसौर — जनपद पंचायत पुसौर एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। अधिकारी के संरक्षण में पंचायतों में मनमानी और अनियमितताओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। चाहे मनरेगा हो या निर्माण विभाग, वर्तमान जनपद पंचायत सीईओ प्रशासनिक नियंत्रण में पूरी तरह असफल नजर आ रहे हैं।
ताजा मामला ग्राम पंचायत सेमरा का है, जहां आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 02 के निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितता का आरोप लगाया गया है। आवेदक दुर्गेश मालाकार ने आरोप लगाया है कि वर्तमान सरपंच द्वारा नए निर्माण में पुराने व जर्जर खिड़की-दरवाजे लगाए जा रहे हैं। जबकि आंगनवाड़ी भवन के लिए खिड़की-दरवाजे मद में लगभग एक लाख रुपये की स्वीकृति पहले ही दी जा चुकी है।
आवेदक का कहना है कि इस गंभीर मामले की शिकायत उन्होंने दिनांक 26 नवंबर 2025 को जनपद पंचायत पुसौर के सीईओ को लिखित रूप से दी थी। बावजूद इसके, जिम्मेदार अधिकारी ने शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और न ही तत्काल कोई जांच कराई गई। लगभग 20 दिनों तक शिकायत को दबाए रखने के बाद, 17 दिसंबर 2025 को जांच के आदेश दिए गए, जो प्रशासनिक लापरवाही को साफ दर्शाता है।
सूत्रों के अनुसार, जांच अधिकारी टीम 19 दिसंबर 2025 को ग्राम पंचायत सेमरा पहुंचकर मौके की जांच करेगी। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या यह जांच केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगी या फिर वास्तव में दोषियों पर कार्रवाई होगी?
क्षेत्र में चर्चा है कि जनपद पंचायत पुसौर में अधिकारियों के संरक्षण में पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार फल-फूल रहा है। यदि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए तो शासन की योजनाएं कागजों में ही सिमटकर रह जाएंगी और आम जनता को उनका लाभ नहीं मिल पाएगा।
अब देखना यह होगा कि जांच के बाद सच्चाई सामने आती है या फिर हमेशा की तरह मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। पंचायतों में हो रहे भ्रष्टाचार पर कब और कैसे लगाम लगेगी, यह जनता के लिए सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है।



