पुसौर ब्लॉक में संगवारी जेंडर समाधान केंद्र जेंडर रिसोर्स सेंटर का शुभारंभ* छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” नई चेतना 4.0 से जेंडर रिसोर्स सेंटर का गठन*


*महिला सशक्तिकरण और घरेलु हिंसा रोकथाम पर रहेगा विशेष फोकस*
रायगढ़, 21 दिसंबर 2025। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) अंतर्गत संचालित ‘नई चेतना 4.0’ जेंडर अभियान के तहत शनिवार को जिले के पुसौर विकासखंड की गढ़उमरिया पंचायत में जेंडर रिसोर्स सेंटर का विधिवत उद्घाटन किया गया। राज्य शासन के मंशानुरूप कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश एवं जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे के मार्गदर्शन में कार्यक्रम का आयोजन समस्त ग्राम संगठन एवं स्वयं सहायता समूहों के पदाधिकारियों तथा विभिन्न कैडर की सहभागिता से संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में पुसौर के जनपद अध्यक्ष श्रीमती हेमलता चौहान, मुख्य अतिथि श्रीमती भाग्यवती डोलनारायण नायक, सदस्य जिला पंचायत रायगढ़ तथा शशीप्रभा भारद्वाज, सदस्य जनपद पंचायत पुसौर की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में एफएलसीआरपी, आरबीके, बैंक मित्र, बीसी सखी, एक्टिव वूमन, बीआरपी, कृषि सखी, पशु सखी, बीडीएसपी, कृषि उद्यमी एवं पशु उद्यमी सहित समस्त कैडर उपस्थित रहे। सभी ने अपने-अपने दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इसके पश्चात बैंक चौक से जेंडर रिसोर्स सेंटर तक रैली निकाली गई, जिसमें 500 से अधिक महिलाओं ने सहभागिता कर महिला सशक्तिकरण एवं जेंडर समानता का संदेश दिया।
इस अवसर पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। बीआरपी द्वारा रंगोली के माध्यम से लिंग भेदभाव के विरुद्ध जागरूकता संदेश दिया गया। लूडो खेल के माध्यम से जेंडर विषयक जानकारी को सरल एवं रोचक रूप में प्रस्तुत किया गया तथा उपस्थितजनों को जेंडर शपथ दिलाई गई।
मुख्य वक्ता द्वारा महिलाओं के लिए बनाए गए कानूनों, अधिकारों एवं संरक्षण से संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम को सफल बनाने में Asked क्लस्टर की कैडर टीम, पीआरपी, Sbse से आए अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी नरेन्द्र कुमार कुलमित्र, एडीईओ अमित गायंकर तथा समस्त कार्यान्वयन अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अंतर्गत नृत्य, नाटक एवं स्वरचित कविता की प्रस्तुति की गई।



