छिछोर उमरिया महिमा आश्रम शेड विवाद में फंसा पुसौर जनपद, सीईओ की लापरवाही से थम नहीं रहा बवाल!

रायगढ़।
जनपद पंचायत पुसौर अंतर्गत ग्राम पंचायत छिछोर उमरिया स्थित महिमा आश्रम शेड निर्माण कार्य आज भी विवादों में उलझा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि महीनों बीत जाने के बाद भी यह विवाद समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा, जिसका सीधा आरोप जनपद पंचायत पुसौर के सीईओ की लापरवाही और कमजोर प्रशासनिक पकड़ पर लगाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते स्थिति को गंभीरता से लिया जाता, तो मामला इतना नहीं बिगड़ता।
शेड निर्माण कार्य की स्वीकृति के बाद से ही कार्य की प्रक्रिया, गुणवत्ता और स्थान को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ग्रामीणों ने कई बार जनपद कार्यालय में शिकायत की, लेकिन सीईओ स्तर पर न तो स्पष्ट जवाब दिया गया और न ही ठोस कार्रवाई की गई। नतीजा यह हुआ कि आज भी आश्रम शेड को लेकर गांव में असंतोष और भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण निर्माण कार्य पारदर्शिता से कोसों दूर है। कहीं तकनीकी स्वीकृति पर सवाल हैं तो कहीं कार्य एजेंसी को लेकर संदेह। बावजूद इसके, सीईओ द्वारा न तो सार्वजनिक बैठक बुलाई गई और न ही ग्रामीणों को विश्वास में लेकर स्थिति स्पष्ट की गई। इससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या सीईओ जनपद पंचायत पुसौर को सही तरीके से संभाल पाने में असफल हो रहे हैं?
स्थानीय जनप्रतिनिधियों का भी कहना है कि बार-बार ध्यानाकर्षण के बाद भी यदि विवाद जस का तस बना हुआ है, तो यह प्रशासनिक अक्षमता का प्रमाण है। महिमा आश्रम जैसे धार्मिक और सामाजिक स्थल से जुड़ा मामला होने के बावजूद जिस तरह से लापरवाही बरती गई, उसने आस्था और प्रशासन—दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
अब ग्रामीणों की मांग है कि शेड निर्माण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषियों पर कार्रवाई हो और सीईओ स्वयं गांव पहुंचकर स्थिति स्पष्ट करें। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में विरोध और तेज होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।



