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जिला पंचायत सीईओ के आदेश की खुलेआम अवहेलना! एनआरएलएम (बिहान) के पीआरपी आज तक न रिलीव, न पदभार—प्रशासनिक अनुशासन पर सवाल!

पुसौर :-जिला पंचायत रायगढ़ द्वारा जारी स्पष्ट आदेशों के बावजूद जनपद पंचायत स्तर पर गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। जानकारी के मुताबिक दिनांक 06/01/2026 को जिला पंचायत रायगढ़ से आदेश जारी किया गया था कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम/बिहान) योजना अंतर्गत जिले के विभिन्न जनपद पंचायतों में पदस्थ पीआरपी को प्रशासनिक कार्य सुविधा की दृष्टि से संबंधित जनपद पंचायत पुसौर पी आर पी को खरसिया और खरसिया जनपद पंचायत पी आर पी को पुसौर में आगामी आदेश पर्यंत तक कार्य करने हेतु पदस्थ किया जाए।
आदेश जारी हुए कई सप्ताह बीत जाने के बाद भी जमीनी हकीकत यह है कि जनपद पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों ने न तो संबंधित पीआरपी को विधिवत रिलीव किया, न ही उन्हें नए स्थान पर पदभार ग्रहण करवाया। यह स्थिति न केवल आदेश की अवहेलना को दर्शाती है, बल्कि प्रशासनिक शिथिलता और उदासीनता का भी प्रमाण है।

सूत्रों के अनुसार, इस अनिर्णय की वजह से बिहान/एनआरएलएम के फील्ड कार्य, स्व-सहायता समूहों की गतिविधियां और आजीविका से जुड़े कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं। जिन उद्देश्यों के लिए प्रशासनिक सुविधा का हवाला देकर आदेश जारी किया गया था, वही उद्देश्य अब अधिकारियों की लापरवाही के कारण अधर में लटक गए हैं।
प्रशासनिक नियमों के तहत जिला पंचायत सीईओ का आदेश बाध्यकारी होता है। इसके बावजूद आदेश का पालन न होना यह सवाल खड़ा करता है कि क्या जनपद स्तर के अधिकारी स्वयं को आदेशों से ऊपर समझने लगे हैं? यदि यही रवैया रहा, तो शासन की योजनाओं की प्रभावशीलता पर सीधा असर पड़ना तय है।
अब सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जिला पंचायत सीईओ इस स्पष्ट अवहेलना पर क्या कार्रवाई करते हैं। क्या दोषी अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी, या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा? आने वाले दिनों में जिला प्रशासन का रुख ही तय करेगा कि आदेशों की गरिमा बचेगी या लापरवाही को मौन स्वीकृति मिलती रहेगी।

Editor Hemsagar shrivas

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